About moon in hindi - चाँद के बारे में जानकारी

About moon in hindi - चाँद के बारे में जानकारी

About moon in hindi


About moon in hindi -चाँद पृथ्वी का एकमात्र प्राकर्तिक उपग्रह है। 
चाँद प्राचीन समय से ही मानव समाज के लिए आश्चर्य का विषय रहा है । 

चाँद को लेकर इस जिज्ञासा का प्रभाव फिल्मो , कहानियो , शायरियो तथा गानों मे देखने को मिलता है ।

इसको लेकर न जाने कितनी कहानियां , गाने और कविताएं लिखी गई । 

  प्रतिदिन चाँद की बदलती कलाओ को देखकर आपकी भी इसके बारे मे जानने की रूचि हुई होगी ।

आज हम जानेगे की चाहिए , चाँद का निर्माण कैसे हुआ ?About moon in hindi

चांद कैसे बना (about moon in hindi)

प्रारम्भ मे माना जाता था कि चाँद का निर्माण पृथ्वी के साथ ही हुआ था । लेकिन इस सिद्धांत को अधिक मान्यता नहीं मिली।

इस सिद्धांत के अनुसार यदि पृथ्वी और चंद्रमा का निर्माण एक साथ हुआ होता , तो दोनों का घनत्व समान होना चाहिए।

लेकिन ऐसा नहीं होता है , पृथ्वी और चंद्रमा के घनत्व में बहुत अधिक अंतर पाया जाता है ।

चांद का घनत्व 3.34 g/cm^3 है जबकि पृथ्वी का घनत्व 5.51 g/cm^3 है ।

जो चांद के घनत्व से बहुत अधिक है।

Second theory -

चाँद के निर्माण को लेकर दूसरा सिद्धांत है है कि चंद्रमा का निर्माण पृथ्वी के साथ मे न होकर हमारे सौरमंडल में एक अन्य जगह पर हुआ है ।
जहां पर लोहा बहुत कम मात्रा में था।

क्योंकि यदि चंद्रमा और पृथ्वी का निर्माण साथ में हुआ होता , तो पृथ्वी की तरह चांद के कोर में भी लोहे की मात्रा उपस्थित होनी चाहिए थी ।

इस सिद्धांत के अनुसार चांद के निर्माण के बाद में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण बाद में पृथ्वी द्वारा इसका अधिग्रहण कर लिया गया।

लेकिन यह सिद्धांत तब अमान्य हो गया जब चंद्रमा की चट्टानों के अध्ययन के बाद पता चला कि चंद्रमा और पृथ्वी की चट्टाने लगभग समान ही है।

एक और सिद्धांत के अनुसार चंद्रमा पृथ्वी की सतह 2900 किलोमीटर के अंदर हुए नाभिकीय विखंडन का परिणाम है।

इसके अनुसार इस नाभिकिय विखंडन के परिणाम स्वरूप पृथ्वी की सतह से धूल और मिट्टी उड़कर अंतरिक्ष में जमा हो गई ।

जो इकट्ठा होकर चांद के रूप में बदल गई । लेकिन यह सिद्धांत असामान्य प्रतीत होता है। About moon in hindi

Present theory about moon in hindi -

इस सिद्धांत के अनुसार चांद का निर्माण पृथ्वी के साथ एक अन्य ग्रह जिसे " थीया " नाम दिया गया है , की टक्कर के कारण हुआ है।

इस टक्कर के परिणामस्वरूप दोनों ग्रहों के टुकड़ों के इकट्ठा होने के कारण चांद का निर्माण हुआ ।

यह घटना लगभग 4.5 बिलियन वर्ष पहले हुई थी।
थिया ग्रह का नाम ग्रीक पौराणिक कथाओं से प्रेरित है

हालांकि यह सिद्धांत भी स्पष्ट नहीं है क्योंकि चन्द्रमा पर किसी अन्य गृह के टुकड़े होने के प्रमाण नहीं मिले है।

चंद्रमा की सभी चट्टाने लगभग पृथ्वी से मेल खाती हैं। इसके लिए वैज्ञानिकों द्वारा यह प्रमाण दिया गया कि थीया गृह पृथ्वी से बिलकुल मिलता -जुलता गृह होगा।

More.......


रोचक जानकारियां (about moon in hindi)-

About moon in hindi -आज तक चांद पर कुल 12 एस्ट्रोनॉट जा चुके है ।जिनके नाम -
  • नील आर्मस्ट्रांग
  • बज एल्ड्रिन
  • पेटे कोनराड
  • एलन बीन
  • एलन शेपर्ड
  • एडगेर मिशेल
  • डेविड स्कॉट
  • जेम्स इरविन
  • जॉन यंग
  • चार्ल्स ड्यूक
  • यूजीन सेरनन्न
  • हैरिसन शिमिट


  • पिछले 48 वर्षों से चांद पर कोई भी मानव मिशन नहीं गया है ।
  • चांद का द्रव्यमान 7.35 x 10²² किलोग्राम है ।
  • चांद पर किसी वस्तु का वजन धरती पर उसके वजन का 1/6 होता है ।
  • हम धरती से चांद का सिर्फ 59% भाग ही देख पाते हैं । बाकी का 41% भाग हमें दिखाई नहीं देता है ।
  • चांद के गुरुत्वाकर्षण के कारण ही धरती पर दिन में 24 घंटे होते हैं , अगर चांद ना हो तो यह समय 6 घंटे का होगा ।
  • 1972 के बाद कोई भी अंतरिक्ष यात्री चांद पर नहीं गया ।
  • चांद की धरती से दूरी 384,400 किलोमीटर है ।
  • Moon 🌕 पर गुरूत्वाकर्षण बल 1.16 मीटर/ वर्ग सेकंड है।
  • चंद्रमा का व्यास 1737.1 किलोमीटर है ।
  • चांद का घनत्व लगभग 3.34 ग्राम/सेमी^3 है।
  • चंद्रमा पर अधिकतम तापमान 130° सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान -180° सेल्सियस रहता है ।
  • चंद्रमा सूर्य से निकटतम बिंदु पर 14.7 करोड़ किलोमीटर तथा दूरस्थ बिंदु पर 15.5 करोड़ किलमीटर दूर होता है ।
  • अपोल-11 को चांद पर पहुंचने में 51घंटे 49 मिनट का समय लगा था ।
  • चंद्रमा पर पानी भी मौजूद है । इस पर पानी की खोज भारत के chandrayan-1 ने की थी ।

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां