Amazing information about solar system in hindi

Amazing information about solar system in hindi

about solar system in hindi - हमारा solar system जिसमें 8 ग्रह , असंख्य अंतरिक्ष पिंड सूर्य का चक्कर लगा रहे हैं।

लेकिन जो वर्तमान रूप हम हमारे सौरमंडल का देखते है , वह हमेशा से ऐसा नहीं था।

इसके निर्माण से लेकर वर्तमान रूप में आने के लिए अरबों वर्षों तक की लंबी प्रक्रिया लगी।

इस आर्टिकल में हम हमारे सौरमंडल तथा इसके ग्रहों के बारे में जानेंगे।

तो चलिए सबसे पहले जानते है कि हमारा सौरमंडल कैसे बना - about solar system in hindi


विषय सूची-


Solar system kaise bana

सौरमंडल के निर्माण के लिए Nebular Hypothesis theory सबसे ज्यादा मान्य सिद्धान्त है ।

इस theory के अनुसार सौरमंडल का निर्माण धूल तथा धुएं के बादलों जिन्हें Nebula कहा जाता है , में हुए विस्फोट के कारण हुआ था ।

विस्फोट के बाद nebula के केंद्र में हाइड्रोजन गैस तथा धूल इकठ्ठा होने लगी ।

इससे केंद्र में नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया शुरू हुई जिसने जन्म दिया हमारे सूरज को ।

तथा जो भारी पदार्थ थे , वे केंद्र की परिक्रमा करने लगे , ये पदार्थ संगठित होकर rocky planets का आकार लेने लगे ।

गुरूत्वाकर्षण के कारण जो हल्की गैस थी वे सूर्य से दूर संघनित होने लगी , जिससे बने गैसीय ग्रह ।

information about solar system planets - सौरमंडल के ग्रह

हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह है ।

  • बुध (mercury)
  • शुक्र (venus)
  • पृथ्वी (earth)
  • मंगल (mars)
  • बृहस्पति (Jupiter)
  • शनि ( Saturn )
  • अरुण (urenus)
  • वरुण (naptune)

जिसमें दो प्रकार के ग्रह मौजूद है - पहले तो rocky planets तथा दूसरे gaseos planets

Rocky planets वे है जो जिन पर चट्टाने तथा कठोर स्थलीय जमीन होती है ।

तथा gaseos planets वे है जहां कोई ठोस जमीन नहीं है , ये ग्रह गैसों के संघनित होने से बने है। इनका वातावरण भी घना है ।

बुध , शुक्र , पृथ्वी , मंगल ये सभी rocky planets है ।तथा बृहस्पति , शनि , अरुण , वरुण गैसीय ग्रह है ।

पहले सौरमंडल में 9 ग्रह थे , जिनमें एक प्लूटो भी था , जिसे 2006 में ग्रहों की श्रेणी से हटा दिया गया ।

अब हम solar system planets के बारे में तथा यह भी जानेंगे why is Pluto not a planet ?


बुध (mercury)

About solar system in hindi

बुध आकार में सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है। इसे आसमान में सुबह या शाम से समय आसानी से देखा जा सकता है।

इस पर धरती के समान ही चट्टाने मौजूद है। बुध पर सूर्य के बहुत अधिक निकट होने के कारण तापमान भी बहुत अधिक है।

Facts about planet mercury

  • बुध का कोई भी प्राकृतिक उपग्रह नहीं है ।
  • इस का वातावरण भी अस्थाई है।
  • इसका द्रव्यमान 3.3×10^23 किलोग्रााम हैं।
  • बुध सूर्य का एक चक्कर 88 दिन में पूरा करता है।
  • अपनी अक्ष पर एक चक्कर यह 116 दिन में पूरा करता है।
  • इस पर अभी तक नासा द्वारा दो अंतरिक्ष यान मेरिनर -10 और मैसेंजर भेजे जा चुके है ।
  • सूर्य के ज्यादा करीब होने के कारण इसकी सतह को टेलिस्कोप द्वारा पूरी तरह नहीं देखा जा सकता है।
  • इसकी त्रिज्या 2439.7 किलोमीटर है।
  • यह सूर्य से ओसत 65.72 मिलियन किलोमीटर दूरी पर रहता है।

शुक्र ( venus )

About solar system in hindi


सूर्य से ग्रहों के क्रम में यह दूसरे नंबर पर आता है। यह भी पृथ्वी की तरह एक rocky planet है।

यह ग्रह प्राचीन काल से ही काफी प्रचलित रहा है। प्राचीन संस्कृति में इसे प्रेम तथा सौंदर्य का प्रतीक माना गया है।

हिन्दू पौराणिक कथाओं में इसे राक्षसों का गुरु माना गया है। यह ग्रह आकार में पृथ्वी से मिलता-जुलता ग्रह है।

इस ग्रह को इस की चमक के कारण सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय आसानी से देखा जा सकता है।

Facts about planet venus

  • बुध की भांति इसका भी कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है।
  •  शुक्र ग्रह पर एक साल 225 दिन का होता है।
  • अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने में इसे 243 दिन का समय लगता है। अर्थात शुक्र पर एक दिन 1 साल से भी बड़ा होता है।
  • इस ग्रह का द्रव्यमान 4.86×10^24 किलोग्रााम हैं।
  • इसका घनत्व 5.24 ग्राम/सेमी.3 है ।
  • इसकी त्रिज्या 6051.5 किलोमीटर है।
  • यह ग्रह बड़ी संख्या में ज्वालामुखी से भरा हुआ है।
  • शुक्र के वातावरण में 98% तक कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद है।
  • इस ग्रह पर सल्फ्यूरिक अम्ल तथा सल्फर डाइऑक्साइड के बादल भी मौजूद हैं।
  • यह सूर्य से 108 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है।

पृथ्वी (earth)

About solar system in hindi

हमारे सौरमंडल का एकलौता ऐसा ग्रह जिस पर जीवन मौजूद है। यह भी सौरमंडल के rocky planets की श्रेणी में आता है।

पृथ्वी आकार में सौर मंडल के सभी rocky planets से बड़ा है। information about solar system planets

पृथ्वी एकलौता ऐसा ग्रह है जिसका नाम किसी भी देवी - देवता के नाम पर नहीं रखा गया है। पृथ्वी जीवन की विविधताओं से भरपूर है।

जो इस पर जीवन के लिए आवश्यक तत्वों की मौजूदगी के कारण ही संभव हुआ।

Facts about planet earth

  • पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर लगाने में 365 दिन का समय लेती है।
  • पृथ्वी का अकेला प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा है।
  • Earh को अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने में 24 घंटे का समय लगता है।
  • पृथ्वी का द्रव्यमान 5.97×10^24 किलोग्राम है।
  • अभी तक हुए रिसर्च के अनुसार पृथ्वी की उम्र 4.5 मिलियन वर्ष है।
  • पृथ्वी की त्रिज्या 6371 किलोमीटर है।
  • धरती की 70 फ़ीसदी स्थलीय सतह पर पानी मौजूद है।
  • पृथ्वी के वायुमंडल में 78% नाइट्रोजन , 21% ऑक्सीजन तथा 1% अन्य गैस है।



मंगल (mars)

About solar system in hindi


मंगल ग्रह के क्रम में solar system में चौथे नंबर पर आता है। इसको लाल ग्रह ( red planet ) के नाम से भी जाना जाता है।

इसकी चट्टानों में फेरिक ऑक्साइड जिसे हेमेटाइट भी कहा जाता है , की मौजूदगी है जो इसे लाल रंग प्रदान करते हैं।

About planet mars

  • यह सूर्य से 14.2 करोड़ मील दूर है ।
  • मंगल ग्रह पर एक दिन में 687 दिन होते हैं।
  • इस पर एक दिन भी earth के लगभग समान ही होता है। मंगल पर एक दिन 24 घंटे 37 मिनट का होता है ।
  • मंगल की त्रिज्या 3389.5 किलोमीटर है ।
  • इस पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का 0.37 गुना है।
  • Mars के वातावरण में 0.14% ऑक्सीजन भी मौजूद है।
  • मंगल के दो चंद्रमा है । about solar system in hindi
  • इसके ध्रुवों पर बर्फ के रूप में पानी भी मौजूद है।


बृहस्पति (Jupiter)

Planet jupiter

यह हमारे solar system का सबसे बड़ा ग्रह है। लेकिन यह स्थलीय ग्रह नहीं है अर्थात इस पर ठोस जमीन नहीं है।

यह ग्रह सौरमंडल के निर्माण के समय गैसों के संघनित होने से बना है। इसका नाम रोमन देवता जुपिटर के नाम पर रखा गया है।

Facts about planet jupiter

  • बृहस्पति के अभी तक 79 ज्ञात चंद्रमा है।
  • इसका एक चंद्रमा जिसका नाम Ganymede है , हमारे solar system का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है।
  • इस पर एक साल धरती के 11.86 वर्ष का होता है।
  • यह हमारे सौरमंडल का सबसे तेज घूमने वाला ग्रह है।
  • बृहस्पति पर एक दिन 10 घंटे का होता है।
  • इस ग्रह का द्रव्यमान 1.89×10^27 किलोग्राम है।
  • Jupiter पर घनत्व 1326 किलोग्राम/सेमी.3 है।
  • इसकी सूर्य से ओसत दूरी 768 मिलियन किलोमीटर है।

शनि (saturn)

Planet saturn

शनि ग्रह हमारे solar system का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। यह भी सौरमंडल के गैसीय ग्रहों के श्रेणी में आता है।

इस ग्रह का भारतीय संस्कृति में काफी धार्मिक महत्व है ।हिन्दू पौराणिक कथाओं में इसे न्याय का देवता माना गया है।

इसका वातावरण मुख्य रूप से हाइड्रोजन तथा हीलियम गैसों से मिलकर बना है।

Information about solar system planets - Saturn

  • इस ग्रह का घनत्व पानी के घनत्व से भी बहुत कम है।
  • यह सूर्य का चक्कर लगाने में 29.5 वर्ष का समय लेता है।
  • इस पर एक दिन धरती के 10.6 घंटो के बराबर होता हैं।
  • इसका द्रव्यमान 5.6×10^26 किलोग्राम है।
  • Saturn की त्रिज्या 58,232 किलोमीटर है।
  • शनि के 82 चंद्रमा है।
  • Titan शनि का सबसे बड़ा चंद्रमा है।

अरुण (urenus)

About solar system in hindi

अरुण सौरमंडल का सातवां ग्रह है । यह एक गैसीय ग्रह है।

Urenus टेलिस्कोप 🔭 की सहायता से खोजा जाने वाला पहला ग्रह है। इसे विलियम हरसल ने खोजा था।

सूर्य से अधिक दूरी पर होने से कारण इस ग्रह पर अमोनिया तथा मीथेन गैस बर्फ के रूप में मौजूद है।

Facts about planet urenus

  • इसे सूर्य का एक चक्कर लगाने में 84.3 वर्ष का समय लगता है।
  • इस ग्रह के 27 चंद्रमा है।
  • इसका घनत्व 1.27 ग्राम/सेमी.3 हैं।
  • Urenus पर एक दिन 17 घंटे का होता है।
  • इस ग्रह की त्रिज्या 25,362 किलोमीटर है।
  • टाइटेनिया यूरेनस का सबसे बड़ा चंद्रमा है।

वरुण (Neptune)

About solar system in hindi

नेपच्यून हमारे सौरमंडल का आठवां ग्रह है। यह पृथ्वी तुलना में 17 गुणा भारी है।

वरुण भी एक गैसीय ग्रह है अर्थात यह भी चट्टानों की बजाए गैसों से मिलकर बना है।

इसका नाम पौराणिक रोमन देवता नेपच्यून के नाम पर रखा गया है। जो समुद्र के देवता थे।

Facts about planet Neptune

  • इसकी सूर्य से average दूरी 4.5 अरब किलोमीटर है।
  • सूर्य से अधिक दूरी के कारण यूरेनस की भांति यह भी एक ठंडा ग्रह है।
  • यह सूर्य का चक्कर 164.8 वर्षों में पूरा करता है।
  • इस पर एक दिन 16 घंटे 6 मिनट का होता है।

Astroid belt (about solar system in hindi)



एस्टेरॉयड बेल्ट ब्रहस्पति और मंगल के बीच के हिस्से में उपस्थित है।

Astroid belt में लाखो की संख्या में क्षुद्रग्रह (astroids) मौजूद है । ये ऐसे पिंड हैं जो ग्रह का आकार नहीं के सके।

जब हमारे solar system का निर्माण हुआ तब गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ग्रह आकार लेने लगे। लेकिन ये पिंड ग्रह का आकार नहीं के पाए।

तथा एस्टेरॉयड बेल्ट में सूर्य की परिक्रमा करने लगे। 


Kuiper belt (solar system in hindi)

Kuiper belt हमारे सौरमंडल का सबसे बाहरी हिस्सा हैं। इसमें अरबों की संख्या में पिंड मौजूद है। इसका नाम डच वैज्ञानिक जेरार्ड काइपर के नाम पर रखा गया है।

सूर्य से अधिक दूरी के कारण ये सभी पिंड बर्फ के रूप में है।

इन सभी को TNO (trans neptunion objects) कहा जाता है। 

यह पिंड Neptune की कक्षा के बाद शुरू होती है। इसमें Pluto तथा उसके आकार से भी बड़े पिंड सूर्य की परिक्रमा कर रहे है।


why is Pluto not a planet ?

सन् 2006 में IAU (international astronomical union) द्वारा किसी पिंड के ग्रह होने के लिए कुछ नए मानक तय किए गए ।

जिसके अनुसार किसी के ग्रह होने के लिए -

  1. ग्रह सूर्य की परिक्रमा करना चाहिए।
  2. यह इतना बड़ा हो कि अपने गुरुत्वाकर्षण के कारण उसका आकार गोल हो जाए।
  3. एक ग्रह की कक्षा स्वतंत्र होनी चाहिए।

प्लूटो पहले दो नियमो का तो पालन करता है , लेकिन इसकी कक्षा नेपच्यून की कक्षा में से होकर गुजरती है। जिसके कारण Pluto को ग्रह की श्रेणी से हटा दिया गया।

अब इसे Dwarf Planets की श्रेणी में रखा गया है।about solar system in hindi

About Pluto in hindi

  • Pluto के पांच चंद्रमा है।
  • Charan इसका सबसे बड़ा चंद्रमा है , जिसका आकर प्लूटो का आधा है।
  • प्लूटो सूर्य से लगभग 588 करोड़ किलोमीटर दूर है।
  • यह अपनी अक्ष पर एक चक्कर 6.7 दिन में पूरा करता है।

New planets of solar system


जैसा कि आपने पीछे पढ़ा कि हमारे सौरमंडल में पहले 9 planets थे। जिनमें एक Pluto भी था , लेकिन बाद में प्लूटो को ग्रहों कि श्रेणी से बाहर कर दिया गया।

प्लूटो की तरह कई इसे ग्रह है , जिन्हें उनके आकार के कारण dwarf planets of solar system की श्रेणी में रखा गया है।

Pluto के आकार के कई पिंड Kuiper belt में मौजूद है। जो लाखो की संख्या में है। लेकिन इनको इन सबके आकार के कारण ग्रह नहीं बोला जा सकता।

लेकिन 2016 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल में एक नए ग्रह होने (New planets of solar system) का दावा किया।

हालंकि इस ग्रह को खोजा नहीं गया। इसके होने का अनुमान वैज्ञानिकों ने Kuiper belt के objects की मूवमेंट के आधार पर लगाया है।

इस ग्रह को planet 9 नाम दिया गया है। इसको खोजा जाना अभी बाकी है।

अब आपके दिमाग में एक सवाल जरूर आया होगा कि आखिर Planet 9 को अभी तक खोजा क्यों नहीं जा सका है ?

Planet 9

planet 9 के अभी तक ज्ञात न होने का सबसे बड़ा कारण है कि यह हमारे सौरमंडल के सबसे बाहरी हिस्से में मौजूद हैं।

एक और बात मै आपको बता दूं कि किसी ग्रह को टेलिस्कोप से तभी खोजा जाता है , जब वह सूर्य की परिक्रमा करते हुए किसी अन्य तारे के सामने से होकर गुजरता है।

इस कारण उस तारे से धरती पर आने वाले प्रकाश में कुछ बदलाव आ जाता है , और उस ग्रह को पहचान लिया जाता है।

लेकिन planet 9 के लिए ऐसा नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह सूर्य की परिक्रमा 10000 से 20000 वर्षों में पूरी करता होगा।

इस कारण इसकी movement बहुत slow है। इसलिए इसे टेलिस्कोप की सहायता से खोजना बहुत मुश्किल है।

वैज्ञानिकों के अनुसार planet 9 पृथ्वी से 20 गुना ज्यादा भारी होगा तथा इसका आकार भी शनि ग्रह जितना हो सकता है ।


निष्कर्ष ( conclusion )

इस आर्टिकल में में हमने हमारे सौरमंडल (about solar system in hindi) के बारे में जाना।

लेकिन हमारा ब्रह्माण्ड सीमित नहीं है। हमारे solar system जैसे असंख्य सौरमंडल universe में मौजूद है। हमारे solar system planets की तरह असंख्य planets है।

वैज्ञानिक शोधों के बाद ब्रह्माण्ड के कई रहस्यो को उजागर किया गया है।

शायद भविष्य में विज्ञान इतना सक्षम हो जायेगा की हम universe के रहस्यो को उजागर कर सके।

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