Amazing facts of milky way galaxy-आकाश गंगा(Akash ganga)

Amazing facts of milky way galaxy-आकाश गंगा(Akash ganga)

ब्रह्माण्ड अपने आपमें न जाने कितने रहस्यो को समेटे हुए है। हमारा यह universe अनगिनत आकाश गंगाओं(akash Ganga) से मिलकर बना है।

उन्हीं अनगिनत आकाश गंगाओं में से एक आकाश गंगा का छोटा सा हिस्सा है हमारा सौरमंडल। तो आप समझ सकते हैं कि इस universe में हमारा क्या अस्तित्व है।

इस आर्टिकल में हम Akash ganga तथा हमारी आकाश गंगा milky way galaxy से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जानेंगे।

विषय सूची

Akash ganga


आकाश गंगा(Akash Ganga) क्या है ?

जिस प्रकार ग्रहों , क्षुद्रग्रहों तथा अनेक छोटे आकार के अंतरिक्ष पिंडों से मिलकर हमारा सौरमंडल उसी प्रकार सूर्य की तरह अरबों तारों से मिलकर बनती है , एक आकाशगंगा।

आकाश गंगा (Akash Ganga) अरबों की संख्या में तारों का समूह होता है , जो एक निश्चित केंद्र की परिक्रमा कर रहे होते हैं।

एक आकाशगंगा में असंख्य तारों के साथ ही गैस और धूल के बादल भी मौजूद होते हैं , इन्हें Nebula कहा जाता है।

जिनमें जन्म होता हैं तारों का। ऐसे ही एक Nebula में विस्फोट के कारण अस्तित्व में आया था हमारा सौरमंडल।

ये सभी गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक दूसरे से बंधे रहते हैं।


हम किस आकाशगंगा में है ?

हमारी आकाशगंगा (Akash Ganga) का नाम Milky way galaxy है। जिसमे हमारा सौरमंडल मौजूद है।

Milky way galaxy का आकार सर्पिलाकार है। जिसका केंद्र भाग कुछ उभरा हुआ है तथा इसके बाहर की ओर कुछ भुजाएं निकलती हुई दिखाई देती हैं।

इसके आकार को समझने के लिए हम एक चकती(disk) का उदाहरण ले सकते हैं , जिस का बीच का हिस्सा कुछ उभरा हुआ हो।

अभी तक हुए शोधों के अनुसार हमारा सौरमंडल milky way galaxy के के बाहरी हिस्से जिसे ओरायन सिग्नस आर्म कहा जाता है ,पर मौजूद है।


The milky way galaxy facts (Akash Ganga)

  • हमारी आकाशगंगा milky way का व्यास लगभग 100000 प्रकाश वर्ष है।

  • वहीं इसकी मोटाई करीबन 1000 प्रकाश वर्ष है।

  • हमारी आकाशगंगा में 1 खरब से भी अधिक तारे मौजूद है।

  • एक अनुमान के अनुसार milky way galaxy में ग्रहों की संख्या शायद 200 अरब से भी अधिक हो सकती है।

  • Akash ganga पर हुए एक रिसर्च के अनुसार milky way 1 अरब साल पुरानी है।

  • हमारा सौरमंडल इसके केंद्र से लगभग 35000 प्रकाश वर्ष दूर है।

  • हमारा सूर्य को milky way galaxy के केंद्र की परिक्रमा करने में लगभग 25 करोड़ साल का समय लगता है।

  • इससे आप समझ सकते हैं कि इंसानों के वजूद के बाद सूर्य एक चक्कर भी पूरा नहीं कर सका है।

  • Milky way galaxy का द्रव्यमान 1.5 ट्रिलियन सोलर द्रव्यमान है। ( 1 सोलर द्रव्यमान = सूर्य का द्रव्यमान )

Blackhole in our galaxy(Akash Ganga)

Akash ganga

क्या आपको पता है कि हमारी आकाशगंगा में भी ब्लैक होल मौजूद है।

इसका नाम Sagittarius-A है। यह Sagittarius तारामंडल में मौजूद है। जिसका द्रव्यमान 41 लाख solar mass के बराबर है।

यह Blackhole हमारे सौरमंडल से लगभग 26000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।

इसकी अनुमानित आयु 10000 वर्ष से भी अधिक है।

Blackhole क्या है ?

ब्लैक होल एक ऐसी जगह है जिसका गुरुत्वाकर्षण बल क्षेत्र इतना ताकतवर होता है कि ब्रह्मांड की कोई वस्तु इसके गुरुत्वाकर्षण को पार नहीं कर सकती।

यहां तक कि प्रकाश भी जिसकी रफ्तार 3 लाख किलमीटर प्रति सेकंड होती हैं , वह भी इसकी गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार नहीं कर पाता।

इस कारण हम टेलीस्कोप से भी एक ब्लैक होल को नहीं देख सकते।

क्योंकि हम एक वस्तु को तभी देख पाते हैं जब उससे परावर्तित होने वाला प्रकाश हमारी आंखों तक पहुंचता है।

जबकि Blackhole तो प्रकाश को भी परावर्तित नहीं होने देता।

तो अब आपके मन में एक सवाल आया होगा कि हमें blackhole के होने का पता कैसे चलता है ?

इसका पता आसपास के तारों के मूवमेंट में बदलाव के आधार पर लगाया जाता है।

इसमें असीम ऊर्जा तथा गैसों का भंडार होता है , जो किसी भी पिंड को अपने अंदर समाहित कर लेता है।

Einstein's theory about black hole


Einstein theory of black hole

सबसे पहले Blackhole की कल्पना आइंस्टीन ने अपने general theory of relativity में की थी।

उनके अनुसार space में एक ऐसी वस्तु का होना संभव है , जिसका गुरुत्वाकर्षण बल इतना मजबूत हो कि वह अपने आसपास की वस्तुओं को भी अपने अंदर समाहित कर लेगा।

कैसे बनता है ब्लैक होल ?

तारों से निकलने वाला प्रकाश उसके अंदर होने वाली नाभिकीय संलयन की अभिक्रिया के कारण होता है।

जिसमें हाइड्रोजन परमाणु जुड़कर हीलियम का निर्माण करते हैं।

लेकिन एक समय ऐसा आता है जब तारे की कोर में उपस्थित है सारा हाइड्रोजन हीलियम में परिवर्तित हो चुका होता है।

तब नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया बंद हो जाती है। इससे तारे की कोर तथा बाहर की ओर लगने वाले बल संतुलन में नहीं रहा पाते है।

इससे तारे में जबरदस्त विस्फोट के साथ ऊर्जा बाहर निकलते हैं , जिसे supernova कहा जाता है।

तथा तारे की कोर सिकुुड़कर ब्लैक होल बन जाता है।

ब्लैक होल का घनत्व अनंत होता है। अर्थात इतना अधिक की हमारा पूरा सौरमंडल में एक बिंदु जितने स्थान में समा जाए।

आकाशगंगाओं का समूह -

Akash ganga के समूह को local group of galaxies कहा जाता है।

इस local group में 54 आकाशगंगाओं को सामिल किया गया है।

हमारी आकाशगंगा जिस local group में है उसमे Andromeda galaxy सबसे बड़ी है , जिसमे लगभग 10 खरब से भी अधिक तारे है।

तथा मिल्की वे इस समूह की दूसरी सबसे बड़ी galaxy है।

इस local group में milky way , Andromeda तथा triangulam galaxy तीनों सर्पिलाकार है।

Local group में कुछ बहुत छोटी आकाशगंगा भी होती हैं , जो एक उपग्रह की तरह बड़ी galaxies की परिक्रमा करती है।

हमारी आकाशगंगा milky way के 59 सैटेलाइट galaxies मौजूद है , जिनमें Large magellanic cloud सबसे बड़ी है।

निष्कर्ष (conclusion)

इस article को पढ़ने के बाद आप जान ही गए होंगे कि आकाशगंगा (Akash Ganga) क्या है ? तथा हम किस आकाशगंगा में रहते है।

जिस प्रकार हमारी आकाश गंगा में अरबों की संख्या में तारे है उसकी प्रकार हमारे universe में अरबों की संख्या में galaxies मौजूद है।

यह संख्या सिर्फ उसी ब्रह्माण्ड की है , जिसके बारे में हम अभी तक जान पाए हैं।

शायद भविष्य में कभी हम हमारे असीम ब्रह्माण्ड के रहस्यो को उजागर कर पाए................

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां